◆ कहते है कि तंबाकू और नशे की गिरफ्त से निकलना आसान नहीं होता, लेकिन संकल्प और सही मार्गदर्शन से यह संभव है। पाली जिले के दयालपुरा गांव के 45 वर्षीय किसान भाई ने इसका जीवंत उदाहरण पेश किया है। आइये, जानते हैं विस्तार से खबर।
◆ यह किसान लंबे समय से अफीम और तंबाकू की लत से जूझ रहा था। मगर राजकीय बांगड़ चिकित्सालय, पाली के मनोरोग विभाग की मदद से उसने अफीम की लत छोड़ी और आगे चलकर तंबाकू मुक्ति केंद्र, पाली में उपचार प्राप्त कर तंबाकू से भी पूरी तरह मुक्ति पा ली।
◆ अब यह किसान भाई नशे से दूर एक स्वस्थ जीवन जी रहा है। उसका कहना है कि उसने समझ लिया है कि तंबाकू और अन्य नशे न केवल शरीर के लिए घातक हैं बल्कि परिवार और समाज को भी प्रभावित करते हैं। उसकी मुस्कुराहट और प्रसन्नता इस बात का सबूत है कि जीवन में बदलाव लाना संभव है, बशर्ते दृढ़ इच्छाशक्ति और सही सहयोग मिले।
◆ इस सफलता की कहानी उन सभी लोगों के लिए प्रेरणा है जो अभी भी नशे की लत से जूझ रहे हैं।
◆ News24 Xpress के लिए कार्यालय संवाददाता की रिपोर्ट।








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