◆ इस्कॉन पाली में गोवर्धन पूजा का भव्य आयोजन श्रद्धा और भक्ति के वातावरण में सम्पन्न हुआ। दिवाली के अगले दिन आयोजित इस उत्सव में भक्तों ने अपार उत्साह के साथ हिस्सा लिया और श्री गोवर्धन पर्वत की परंपरागत पूजा-अर्चना की।
आइये, जानते हैं विस्तार से खबर।
◆ इस्कॉन पाली परिसर में बुधवार, 22 अक्टूबर को गोवर्धन पूजा का आयोजन अत्यंत हर्षोल्लास के साथ किया गया। भक्तों द्वारा विभिन्न प्रकार के पकवानों का भोग श्री गोवर्धन जी को अर्पित किया गया और प्राकृतिक सामग्री से निर्मित गोवर्धन पर्वत की प्रतिकृति बनाई गई। इसके साथ कथा, कीर्तन और अन्नकूट का भोग भी लगाया गया।
इस्कॉन पाली के कार्तिक कृष्ण प्रभु ने बताया कि गोवर्धन पूजा का यह पर्व भागवत पुराण में वर्णित कथा पर आधारित है। धार्मिक मान्यता के अनुसार भगवान श्रीकृष्ण ने इंद्रदेव के अभिमान को शांत करने के लिए गोवर्धन पर्वत को अपनी कनिष्ठा उंगली पर उठाया था, जिससे वृंदावनवासियों को भारी वर्षा से बचाया जा सके। सात दिनों तक पर्वत के नीचे रहे सभी भक्तों और पशुओं को सुरक्षित देखकर इंद्रदेव ने श्रीकृष्ण से क्षमा मांगी, जिसके बाद से हर वर्ष इस दिन अन्नकूट महोत्सव के रूप में गोवर्धन पूजा का आयोजन किया जाता है।
◆ इस्कॉन पाली में हुए इस आयोजन के दौरान कथा, आरती, परिक्रमा, नाट्य कार्यक्रम और सामूहिक भजन-कीर्तन ने पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने गोवर्धन जी के दर्शन किए, परिक्रमा की और प्रसाद ग्रहण कर भावविभोर हो उठे।
◆ KNTV के लिये पाली से महेन्द्र लखावत की रिपोर्ट।








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