◆ पाली में जलप्रलय जैसे हालात, नगर परिषद और प्रशासन की नाकामी उजागर।
पाली में बीती रात से लगातार हो रही बारिश ने शहर की व्यवस्थाओं की पोल खोल दी है। सड़कों से लेकर कॉलोनियों तक पानी ही पानी नजर आया। नगर निगम की जल निकासी व्यवस्थाएं एक बार फिर फेल साबित हुईं। प्रभारी मंत्री से लेकर नगर निगम अधिकारियों तक के सारे दावे बारिश के पानी में बह गए।
आइये, जानते हैं विस्तार से खबर।

◆ भारी बारिश ने पाली को इस बार फिर बेबस कर दिया। शनिवार रात करीब 3 बजे शुरू हुई बारिश दोपहर 12 बजे तक रुक-रुक कर जारी रही, जिससे शहर की मुख्य सड़कों से लेकर अंदरूनी इलाकों तक जलभराव की स्थिति बन गई। नयागांव रोड, जोधपुर रोड, रामदेव रोड, सुंदरनगर, लोढ़ा स्कूल रोड, पांच मोखा पुलिया और रेलवे अंडरब्रिज जैसे इलाके जलमग्न हो गए। कॉलोनियों में घरों के अंदर पानी घुस गया, लोग घंटों अपने घरों में फंसे रहे। नालों की गंदगी और सीवर के मैनहोल से उफनता पानी आमजन के लिए बड़ा खतरा बन गया।
◆ बारिश के चलते रेलवे ट्रैक तक डूब गए, जिससे रेल यातायात भी प्रभावित हुआ। सबसे दुखद पहलू यह रहा कि एक युवक की करंट लगने से मौत हो गई। सुबह से लोग दूध, सब्जी जैसी आवश्यक वस्तुओं के लिए भटकते नजर आए, लेकिन राहत के नाम पर कोई ठोस इंतजाम नहीं दिखा। नगर परिषद द्वारा पूर्व में गठित जल निकासी कमेटियां भी पूरी तरह निष्क्रिय रही हैं।
◆ कई जनप्रतिनिधि हालातों से निपटने की बजाय फोटो खिंचवाने और राहत सामग्री बांटने की सस्ती राजनीति में जुटे हैं। वहीं अधिकारी औपचारिक बैठकों में व्यस्त हैं, जबकि शहर की जनता हर साल की तरह इस बार भी त्राहि-त्राहि कर रही है।
◆ KNTV के लिये पाली से मुकेश राजा की रिपोर्ट








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