पाली में “स्वास्थ्य एवं स्वस्थ जीवन शैली” विषय पर संगोष्ठी का हुआ आयोजन, जिसमें आयुर्वेद, भारतीय जीवनमूल्य और समग्र आरोग्य के सिद्धांतों पर हुआ सारगर्भित संवाद। इस अवसर पर आरोग्य भारती की नई कार्यकारिणी का भी किया गया गठन।
आइये, जानते हैं विस्तार से खबर।
◆ आरोग्य भारती जोधपुर प्रांत (जिला पाली) द्वारा IMA भवन, बांगड़ अस्पताल परिसर में एक विशेष संगोष्ठी का आयोजन किया गया, जिसका विषय था – “स्वास्थ्य एवं स्वस्थ जीवन शैली”। इस विचारगोष्ठी का उद्देश्य भारतीय चिकित्सा पद्धति, विशेषकर आयुर्वेद एवं पारंपरिक जीवनशैली की वैज्ञानिकता को जनमानस तक पहुंचाना रहा। कार्यक्रम का शुभारंभ भगवान धन्वंतरि की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्वलन के साथ हुआ, जिसमें श्री बड़ा रामद्वारा, खेड़ापा के पूजनीय महंत सुरजनदासजी महाराज ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ सहभागिता की।
◆ अपने संबोधन में महंत सुरजनदासजी ने कहा कि भारतीय संस्कृति में स्वास्थ्य को जीवन के चार पुरुषार्थों – धर्म, अर्थ, काम और मोक्ष – का आधार माना गया है। यदि व्यक्ति, परिवार और समाज स्वस्थ होंगे, तभी राष्ट्र की नींव मजबूत होगी।
◆ कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डॉ. शिव कुमार शर्मा, प्रभारी जिला आयुर्वेद चिकित्सालय, पाली ने आधुनिक जीवनशैली में व्याप्त तनाव, अव्यवस्थित दिनचर्या और शारीरिक असंतुलन की ओर ध्यान दिलाते हुए आयुर्वेद को एकमात्र संतुलित समाधान बताया। वहीं विशेष अतिथि डॉ. हजारीमल चौधरी ने जंक फूड की बढ़ती प्रवृत्ति को बच्चों के स्वास्थ्य ह्रास का बड़ा कारण बताया।
◆ संगोष्ठी के मुख्य वक्ता और आरोग्य भारती के उत्तर-पश्चिम क्षेत्र संयोजक संजीवन कुमार ने बताया कि यह संगठन ‘स्वस्थ व्यक्ति, स्वस्थ परिवार, स्वस्थ ग्राम और स्वस्थ राष्ट्र’ के ध्येय के साथ राष्ट्र निर्माण में जुटा है। उनका कहना था कि आरोग्य भारती केवल रोग निवारण नहीं, बल्कि शारीरिक, मानसिक, सामाजिक, आत्मिक और पर्यावरणीय समग्र आरोग्य की दिशा में कार्य कर रही है। यह संगठन योग, दिनचर्या, ऋतुचर्या, आयुर्वेद, घरेलू उपचार व आत्मिक अभ्यासों के माध्यम से व्यापक स्वास्थ्य जागरूकता फैला रहा है, विशेषकर ग्रामीण भारत में।
◆ संगोष्ठी में बड़ी संख्या में चिकित्सक, समाजसेवी, शिक्षक, युवा और आरोग्य भारती के कार्यकर्ता उपस्थित रहे। सभी ने भारतीय और आधुनिक चिकित्सा पद्धति के समन्वय को समय की आवश्यकता बताया और आयुर्वेद व योग को जीवन का अनिवार्य हिस्सा बनाने पर बल दिया। कार्यक्रम का समापन आयोजकों द्वारा आभार प्रदर्शन के साथ किया गया।
◆ संगोष्ठी के पश्चात आरोग्य भारती की एक महत्वपूर्ण बैठक में संगठन की नवीन जिला कार्यकारिणी का भी गठन किया गया। इसमें डॉ. हजारीमल चौधरी को जिला अध्यक्ष, डॉ. अखिल को जिला सचिव, विजय राज सोनी को योग प्रमुख, विवेक वैष्णव को घरेलू उपचार प्रमुख, डॉ. अंकित अवस्थी को व्यसन मुक्ति कार्यक्रम प्रमुख, दिनेश त्रिवेदी को विद्यालय स्वास्थ्य कार्यक्रम प्रमुख एवं गौरव शिवनानी को कार्यालय प्रमुख बनाया गया।
◆ यह आयोजन जनस्वास्थ्य, भारतीय चिकित्सा परंपरा और जागरूक समाज के निर्माण की दिशा में एक प्रभावशाली कदम सिद्ध हुआ।
◆ न्यूज़24 एक्सप्रेस के लिये पाली से महेन्द्र लखावत की रिपोर्ट।








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